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Lockdown-3: सोमवार से खुलेगी दिल्ली, केजरीवाल बोले- केंद्र सरकार ने जो छूट दी हैं वे सभी मिलेंगी

मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल ने बताया कि केंद्र सरकार ने 2 सप्ताह के लिए लॉकडाउन को बढ़ाया है, पूरी दिल्ली रेड जोन में है, इसमें केंद्र सरकार ने जो भी छूट दी हैं वे सभी छूट हम दिल्ली में देने वाले हैं.

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नई दिल्ली: कोरोना वायरस लॉकडाउन का दूसरा चरण खत्म होने के बाद सोमवार से दिल्ली में प्रतिबंधों में कुछ ढील दी जाएगी. मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल ने बताया कि केंद्र सरकार ने 2 सप्ताह के लिए लॉकडाउन को बढ़ाया है, पूरी दिल्ली रेड जोन में है, इसमें केंद्र सरकार ने जो भी छूट दी हैं वे सभी छूट हम दिल्ली में देने वाले हैं.

अरविंद केंजरीवाल ने कहा,” हमने फैसला किया है कि केंद्र सरकार ने जो भी छूट दी है वह सभी छूट हम दिल्ली के अंदर लागू करने जा रहे हैं. रेड जोन के अंदर जो भी छूट केंद्र सरकार ने कही है वह सब दिल्ली में मिलेंगी. कल से सभी सरकारी दफ्तर खोलने जा रहे हैं. जो आवश्यक सर्विस वाले दफ्तर हैं वहां 100% स्ट्रेंथ और प्राइवेट दफ्तर केवल 33% की स्ट्रेंस पर काम करेंगे.”

केजरीवाल ने आगे कहा,” हवाई, यात्रा रेल यात्रा बंद रहेंगी. दिल्ली के अंदर और दिल्ली से बाहर जाने वाली बसें नहीं चलेंगी. स्कूल और कॉलेज बंद रहेंगे. सभी शिक्षण संस्थान बंद रहेंगे. सभी होटल और रेस्टोरेंट बंद रहेंगे. सिनेमा हॉल मॉल जिम सब बंद रहेंगे. सामाजिक राजनीतिक और धार्मिक गैदरिंग पर पाबंदी लगी रहेगी. इसके अलावा साइकिल रिक्शा, टैक्सी सब बंद रहेंगे.”

केजरीवाल ने आगे कहा,” जिन लोगों को कोई बीमारी है या जो गर्भवती महिलाएं हैं या छोटे बच्चे हैं उनको घर में रहना होगा. शाम 7:00 से सुबह 7 बजे तक लोगों का बाहर निकलना बंद रहेगा जब तक कि आपको किसी एसेंशियल सर्विस के लिए बाहर निकलना ना हो. नाई की दुकान और सैलून भी बंद रहेंगे. 65 साल के ऊपर के लोगों को भी घर पर रहना है.”

उन्होंने कहा,” जो सेल्फ एंप्लॉयड लोग हैं इलेक्ट्रिशियन प्लंबर सफाई कर्मचारी आदि उन लोगों को काम करने की इजाजत होगी. इन मार्केट के अंदर जो भी जरूरत की चीजों की दुकान है वह सब खुली रहेंगी. सभी मॉल मार्केट कंपलेक्स और सभी मार्केट जैसे खान मार्केट करोल बाग नेहरू प्लेस यह सब बंद रहेंगे. रेजिडेंशियल कंपलेक्स में जो भी दुकानें हैं वह सब खुलेंगे.”

केजरीवाल ने आगे कहा,” किताबों और स्टेशनरी की दुकान खुली रहेंगी. जो स्टैंडअलोन दुकानें हैं, गली मोहल्लों की दुकानें हैं वह सारी खुलेगी चाहे वह कोई सी भी सामान की दुकान हो. IT संबंधित सभी सर्विस खुली रहेंगी. प्रिंट एंड इलेक्ट्रॉनिक मीडिया खुला रहेगा. सभी इंडस्ट्रियल एस्टेट खुले रहेंगे.जो भी जरूरत का सामान बनाने वाली मैन्युफैक्चरिंग यूनिट है या उसकी सप्लाई चेंज से संबंधित यूनिट खुली रहेंगी.”

सीएम केजरीवाल ने आगे कहा,” ई कॉमर्स की गतिविधियां केवल जरूरत के सामान में पैकेजिंग मैटेरियल के मैन्युफैक्चरिंग यूनिट खुली रहेंगी. शादी के मामले में 50 से ज्यादा लोग इकट्ठे नहीं होने चाहिए. ड्राइवर के अलावा दो लोग कार में हो सकते हैं लेकिन केवल एसेंशियल सर्विस के लिए अनुमति है. अंतिम संस्कार में 20 से ज्यादा लोगों की अनुमति नहीं होगी.”

दिल्ली के मुख्यमंत्री ने कहा,” थूकने पर सख्त कार्रवाई की जाएगी. सामान का आवागमन हो सकेगा. मेरा मानना है कि लॉक डाउन लागू करना बहुत जरूरी था. उस वक्त अगर हम लॉडाउन ना करते तो देश के अंदर भयावह स्थिति हो सकती थी. अब डेढ़ महीने बाद दिल्ली लॉकडाउन खोलने के लिए तैयार हैं. कोरोना से लड़ने के लिए पहले हमारा देश तैयार नहीं था. दिल्ली को रेड जोन में कर देने से दो समस्याएं हो रही हैं. केंद्र की अभी तक की सभी गाइडलाइंस अच्छी थी. जनता का रोजगार चला गया है व्यापारियों को दिक्कत हो रही है.दूसरी तरफ जब सारी अर्थव्यवस्था बन है तो सरकार को राजस्व आना बंद हो गया है तो सरकार कैसे चलेगी. पूरी अर्थव्यवस्था गड़बड़ा गई है. 35 सौ करोड़ का रेवेन्यू आया करता था इस साल अप्रैल में 350 करोड़ का राजस्व आया है.”

उन्होंने कहा,”लॉकडाउन के समय का हमने तैयारी करने के लिए इस्तेमाल किया. ऐसा नहीं होगा कि कोरोना जीरो हो गया. अब हमें कोरोना के साथ जीने की तैयारी करनी पड़ेगी. आज दिल्ली इसके लिए तैयार है. हमने सारी व्यवस्था दिल्ली में कर ली है. हमने केंद्र सरकार को सुझाव दिया है कि दिल्ली में लगभग 97 कंटेनमेंट जोन है उनको पूरी तरह सील कर दिया जाए और बाकी दिल्ली को ग्रीन कर दिया जाए चाहे तो ऑड इवन कर दें.

15 हजार से कम सैलरी वालों का EPF देगी मोदी सरकार, 12% की जगह 10% कटेगा पीएफ

वित्त राज्य मंत्री अनुराग ठाकुर ने कहा कि प्रधानमंत्री गरीब कल्याण पैकेज में एक सुविधा दी गई थी कि 12-12 फीसदी ईपीएफ कर्मचारी और नौकरी देने वाले को भारत सरकार देगी.

नई दिल्ली: वित्तीय संकट से जूझ रही कंपनियों और कर्मचारियों को राहत देते हुए वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने घोषणा की है कि अब अगले तीन महीने तक निजी कंपनियों को 12 प्रतिशत की जगह 10 प्रतिशत ही पीएफ का अंशदान करना होगा. अगस्त महीने तक सरकार ईपीएफ का हिस्सा देगी.

वित्त राज्य मंत्री अनुराग ठाकुर ने कहा कि प्रधानमंत्री गरीब कल्याण पैकेज में एक सुविधा दी गई थी कि 12-12 फीसदी ईपीएफ कर्मचारी और नौकरी देने वाले को भारत सरकार देगी. ये पहले तीन महीनों के लिए किया गया था, जिसे बढ़ाकर अगले तीन महीने जून, जुलाई और अगस्त तक कर दिया गया है.

लखनऊ, कानपुर, वाराणसी समेत यूपी के कई जिलों में नहीं मिलेगी लॉकडाउन से छूट

लखनऊ, कानपुर, वाराणसी, मेरठ, आगरा, सहारनपुर समेत कई जिलों में कोरोना के बढ़ते मामलों के मद्देनजर लॉकडाउन में 20 अप्रैल से प्रस्तावित ढील नहीं दी जाएगी। इन जिलों में अतिरिक्त सतर्कता की आवश्यकता है। पूर्व में जो आपदा और राहत से जुड़े दफ्तर काम कर रहे थे वे ही आगे भी खुलेंगे। अन्य कोई भी दफ्तर या प्रतिष्ठान नहीं खोले जाएंगे।

सचिवालय और लोक भवन के दफ्तर पूर्व में जारी आदेश के तहत खुले रहेंगे। मनरेगा आदि काम जहां पहले से चल रहा है वहां सोशल डिस्टेंसिंग के नियमों का पालन करते हुए काम पूर्ववत चलता रहेगा। जरूरी वस्तुओं की फैक्ट्रियां भी पहले की तरह चलती रहेंगी। इसके साथ ही कई जिलों में 33 फीसदी कर्मचारियों के साथ सरकारी कामकाज के लिए दफ्तर खेलने के निर्देश स्थानीय स्तर पर दिए गए हैं।

गोरखपुर, बांदा, झांसी मंडल के सभी जिलों में लॉकडाउन में ढील देते हुए दफ्तर खोले जाएंगे। वहीं बस्ती मंडल के सिद्धार्थ नगर व संतकबीर नगर में दफ्तर खुलेंगे लेकिन बस्ती में अभी कोई ढील नहीं दी जाएगी। कानपुर मंडल के सभी जिलों में सोमवार से लॉकडाउन में केंद्र सरकार की घोषणा के तहत ढील दी जाएगी लेकिन कानपुर जिले में संक्रमितों की संख्या ज्यादा होने के कारण कोई ढील नहीं दी जाएगी। वाराणसी, विंध्याचल और आजमगढ़ मंडलों के 10 में से आठ जिलों में सोमवार से सरकारी दफ्तर खुल जाएंगे। अन्य क्षेत्रों में मामूली छूट मिलेगी लेकिन वाराणसी और मऊ में पाबंदी रहेगी।

सीएम ने डीएम पर छोड़ा ढील देने का फैसला
केंद्रीय गृह मंत्रालय द्वारा लॉकडाउन में सोमवार से प्रस्तावित ढील के संबंध में मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने रविवार शाम निर्देश दिया कि जिलाधिकारी और जिम्मेदार अफसर अपने यहां की स्थिति देखते हुए ढील देने अथवा न देने का निर्णय खुद करें। इसके बाद विभिन्न जिलों के अफसरों ने अपने यहां कोरोना संक्रमण के ताजा हालात की समीक्षा कर यह निर्णय लिया।

जिला अदालतें भी अभी बंद रहेंगी
इलाहाबाद हाईकोर्ट प्रशासन ने 20 अप्रैल से जिला न्यायालयों को खोलने के फैसले को वापस ले लिया है। नए निर्णय के अनुसार जिला न्यायालयों, कामर्शियल कोर्ट, वाहन दुर्घटना दावा अधिकरणों एवं भूमि अधिग्रहण व पुनर्वास अधिकरणों में अब 27 अप्रैल तक पूर्व की तरह कार्य होगा। इन संस्थाओं में केवल जरूरी मामलों की ही सुनवाई होगी। ये न्यायालय व अधिकरण आम लोगों के लिए बंद रहेंगे। महानिबंधक अजय कुमार श्रीवास्तव ने सभी जनपद न्यायाधीशों व अधिकरणों के पीठासीन अधिकारियों को नया आदेश जारी कर इसका कड़ाई से पालन करने को कहा है। पहले 20 अप्रैल से जिला न्यायालयों को खोलने का निर्णय लिया गया था।

जब पत्नी ट्विंकल खन्ना ने पूछा सच में दान देंगे 25 करोड़ तो ऐसा था अक्षय कुमार का रिएक्शन

अक्षय कुमार की पत्नी ट्विकल खन्ना ने ट्वीट के जरिए बताया है कि जब उन्होंने अक्षय से पूछा था कि क्या वो वाकई इतनी बड़ी रकम डोनेट करने जा रहे हैं तो कैसा था अक्षय कुमार का रिएक्शन.

कोरोना वायरस से लड़ने के लिए पीएम मोदी ने देश भर में लॉकडाउन का ऐलान किया है इसके साथ ही इस महामारी से बचने के लिए पीएम मोदी ने एक फंड रेजिंग ट्वीट किया था और पैसा डोनेट करने की अपील की थी. इसके बाद अक्षय कुमार ने पीएम केयर्स फंड में 25 करोड़ की बड़ी रकम जमा करने का ऐलान किया. किसी भी बॉलीवुड सेलेब्स द्वारा डोनेट की गई ये सबसे बड़ी रकम है.

अब इसे लेकर अक्षय कुमार की पत्नी ट्विकल खन्ना ने ट्वीट के जरिए बताया है कि जब उन्होंने अक्षय से पूछा था कि क्या वो वाकई इतनी बड़ी रकम डोनेॉ करने जा रहे हैं तो कैसा था अक्षय कुमार का रिएक्शन.

ट्विंकल खन्ना ने ट्वीट किया करते हुए लिखा, “शख्स मुझे गर्व महसूस करवाता है. जब मैंने उनसे पूछा कि क्या वो सच में इतनी बड़ी रकम देंगे, यह इतनी बड़ी राशि थी और हमें धनराशि निकालने की जरूरत थी तो उन्होंने कहा कि जब मैंने शुरुआत की थी तो मेरे पास कुछ भी नहीं था और अब जब मैं इस स्थिति में हूं, तो मैं इसे करने कैसे रुक सकता हूं. मैं उन लोगों के लिए कर सकता हूं जिनके पास कुछ नहीं है

चीन: वुहान की लैब में एक इंटर्न से लीक हुआ था कोरोना वायरस- मीडिया रिपोर्ट्स

रिपोर्ट के मुताबिक वुहान इंस्टीच्यूट ऑफ वायरोलॉजी दुनिया की प्रमुख पी4 लेवल की लैब है. यह वायरस संक्रमण स्ट्रेन रखने, रिसर्च, परीक्षण की वैश्विक प्रयोगशाला है.

वाशिंगटनः अमेरिका उन खबरों पर गौर कर रहा है जिसमें दावा किया गया है कि कोरोना वायरस चीन के वुहान शहर की विषाणु विज्ञान प्रयोगशाला से लीक हुआ है. अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने कहा कि इस मामले की जांच चल रही है. इससे पहले फॉक्स न्यूज की रिपोर्ट में दावा किया गया था कि यह वायरस चीन के एक लैब से लीक हुआ था. ट्रंप ने कहा कि वायरस चीन से लीक होने को लेकर जांच चल रही है.

फॉक्स न्यूज़ की रिपोर्ट में कहा गया है कि वुहान इंस्टीट्यूट ऑफ वायरोलॉजी में काम कर रहे एक इंटर्न ने इसे गलीत से लीक कर दिया था. अमेरिकी खुफिया एजेंसियां इस संबंध में जानकारी जुटाने में लगी हुई है.

रिपोर्ट के मुताबिक वुहान इंस्टीच्यूट ऑफ वायरोलॉजी दुनिया की प्रमुख पी4 लेवल की लैब है. यह वायरस संक्रमण स्ट्रेन रखने, रिसर्च, परीक्षण की वैश्विक प्रयोगशाला है. सूत्रों के आधार पर एक विशेष रिपोर्ट में फॉक्स न्यूज ने दावा किया है कि कोरोना वायरस चमगादड़ के बीच स्वाभाविक रूप से उत्पन्न होने वाला वायरस है. रिपोर्ट में कहा गाय है कि यह कोई बायोवेपॉन नहीं है.

मीडिया रिपोर्ट में कहा गया है कि कोरोना वायरस का अध्ययन वुहान प्रयोगशाला में किया जा रहा है. मीडिया रिपोर्ट में कहा गया है कि वायरस का पहला चरण बैट-टू-ह्यूमन था और पहला संक्रमित रोगी इसी लैब में काम करता था.

वुहान वेट बाजार को शुरुआती दिनों में इस वायरस के मूल जगह के रूप में पहचाना गया था लेकिन वहां चमगादड़ कभी नहीं बेचे. हालांकि, चीन ने प्रयोगशाला के बजाय वेट बाजार को वायरस फैलाने के लिए दोषी ठहराया है.

COVID-19 Lockdown: 20 अप्रैल से क्या खुलेगा और क्या रहेगा बंद, जानिए

बढ़ई, इलेक्ट्रीशियन, प्राइवेट गार्ड, किसानों से जुड़े हर तरीके के काम, आनलाइन जरूरी सामान डिलेवरी हो सकेगी.

नई दिल्ली: 20 अप्रैल से सरकार की नई गाइडलाइन के तहत लॉक डाउन में काम शुरू होगा. इसके तहत केंद्र सरकार की तरफ से 16 अप्रैल को कुछ गाइडलाइन जारी की गई थी जिनमें स्पष्ट तौर पर बताया गया था कि कृषि क्षेत्रों से जुड़े कार्य चालू रहेंगे. बढ़ई, इलेक्ट्रीशियन, प्राइवेट गार्ड, किसानों से जुड़े हर तरीके के काम, आनलाइन जरूरी सामान डिलेवरी हो सकेगी. पहले जरूरी सेवाएं ही थीं छूट के दायरे में लेकिन अब छोटे उद्योग, छोटे काम से जुड़े लोग, छोटी दुकानें और आम जरूरत से जुड़े व्यवसायिक संस्थान शामिल है.

ग्रामीण इलाकों को खास खयाल रखा गया है इसीलिए वहां पर मनरेगा, कंसट्रक्शन, छोटी प्रोडक्शन यूनिट, ईंट बनाने का काम, वहां पर जरूरत से जुड़ी दुकानों को खोलने की अनुमति दी गई. ग्रामीण इलाकों में फैक्ट्रियों के भी खोलने की अनुमति दी गई है.कर्मचारियों से काम की आड़ में कोरोना वायरस खतरे के मापदंडों का उल्लंघन न हो इसके लिए खास नियम बनाए गए हैं, ये नियम फैक्ट्री और वर्क प्लेस के लिए हैं इसका पालन न होने की सूरत में सजा का प्रावधान हैं. मास्क पहनना अनिवार्य होगा और थूकने पर पाबंदी है.

यातायात के मामले में आप चार पहिया गाड़ी यानी कार में ड्राइवर के अलावा केवल एक व्यक्ति बैठ सकेगा, जबकि दोपहिया वाहनों पर केवल ड्राइवर बैठ सकेगा. साथ ही क्वॉरेंटाइन जिन लोगों किया गया है अगर वह उसका अनुपालन नहीं करते हैं तो आईपीसी की धारा 188 के तहत उनके खिलाफ कार्रवाई की जाएगी. जिला मजिस्ट्रेट को भी कहा गया है कि वे कड़ाई से नियमों का पालन कराएं.

लॉक डाउन के दूसरे चरण में 20 अप्रैल से ग्रामीण और दूरदराज इलाकों के लोगों को राहत देने के लिए छोटे वित्तीय संस्थानों के भी संचालन की अनुमति सरकार ने दी. इसमें कॉपरेटिव क्रेडिट सोसाइटी, नॉन बैंकिंग फाइनेंसियल इंस्टिट्यूशन, हाउसिंग फाइनेंस कंपनी शामिल हैं जो कि मिनिमम स्टाफ के साथ आपरेट कर सकेंगी.

ग्रामीण इलाकों में आप्टिकल फाइबर केबल बिछाने के काम की भी अनुमति सरकार ने दी. इसके अलावा बैंबू कोकोनट ट्राइबल इलाकों में माइनर फॉरेस्ट प्रोड्यूस से जुड़े कामों की भी अनुमति दी.

लाकडाउन के दौरान ई कामर्स कंपनियां सिर्फ जरूरी सामानों की सप्लाई कर सकेंगी. वहीं गैर जरूरी सामानों पर प्रतिबंध जारी रहेगा.

माइग्रेंट लेबर यानी दिहाड़ी मजदूर को बड़ी राहत, लॉक डाउन के दूसरे चरण में जिन कामों में रियायत दी गई है. उसमें उसका इस्तेमाल किया जा सकता है अगर राज्य सरकार को उचित लगता है तो लेकिन यह काम कुछ शर्तों के साथ होगा, इनके स्वास्थ्य की पूरी जांच होनी चाहिए, प्रदेश के बाहर इनका मूवमेंट नहीं होना चाहिए, और इनका स्किल टेस्ट होना चाहिए.

केंद्र सरकार आज यानी 20 अप्रैल को कुछ नई गाइडलाइन जारी करती हैं और उसके तहत 16 अप्रैल को दी गई गाइडलाइन में किसी भी तरह की पाबंदी लगाती है तो तत्काल प्रभाव से प्रभावी मानी जाएगी. यह भी स्पष्ट किया गया है कि राज्य सरकार अपने-अपने इलाकों में जरूरत के हिसाब से निर्णय ले सकेंगी. हॉटस्पॉट और इन इलाकों में यह गाइडलाइन प्रभावी नहीं होंगी.

Research: 7 दिन तक Masks पर ज़िंदा रहता है Coronavirus, बरतें ये सावधानियां

Coronavirus नाम की इस महामारी से बचने के लिए हम सभी सुरक्षा के लिए कई तरह चीज़े कर रहे है, जैसे बार-बार धोना, सोशल डिस्टेंसिंग और चेहरे पर मास्क लगाना l कोरोना से बचने के लिए लोग कई तरह के फेस मास्क का इस्तेमाल कर रहे हैं l कोई मेडिकेटिड मास्क का इस्तेमाल कर रा है तो कोई N95 , तो कोई कपडे से बने मास्क का इस्तेमाल कर रा है l लेकिन health sector के जानी-मानी research magazine The Lancet Journal में छपी हॉन्ग कॉन्ग यूनिवर्सिटी की रिपोर्ट के मुताबिक कोरोना से बचने के लिए जिस फेस मास्क का इस्तेमाल कर रहे हैं, उस फेस मास्क पर भी कोरोना वायरस 1 या 2 दिन नहीं बल्की 7 सात दिनों तक ज़िंदा रह सकता है l और सिर्फ इतना ही नहीं यह जानलेवा वायरस सभी तरह की ठोस सतह पर 2 घंटे से लेकर 9 दिन तक ज़िंदा रह सकता है।